राहुल गांधी ने अकेले सबसे ज्यादा संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कियाः अरुण जेटली

राहुल गांधी ने अकेले सबसे ज्यादा संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कियाः अरुण जेटली

अरुण जेटली ने रविवार को राहुल गांधी पर तेज हमला करते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरु के नाती (राहुल गांधी) ने अकेले ही संसद सहित देश की अनेक संवैधानिक संस्थाओं की साख सबसे ज्यादा गिराने का काम किया है। जेटली ने आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी छत्तीसगढ़ चुनावों में नक्सलियों के साथ खड़े नजर आए। वे जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' के साथ भी नजर आए। उन्होंने कहा कि 'शहरी नक्सलियों' को बचाने के मामले में भी कांग्रेस पार्टी के लोग सबसे आगे खड़े रहे। ऐसे में यह साबित होता है कि कांग्रेस उन सभी संस्थाओं के खिलाफ खड़ी है जो उसके मुताबिक चलने से मना कर रहे हैं। 'संस्थाओं पर आक्रमण' नाम से एक लेख लिखकर जेटली ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं की साख गिराने पर तुला हुआ है।   

अरुण जेटली ने विपक्ष पर यह कहते हुए हमला किया जो भी संस्था उसके मन मुताबिक काम नहीं करती है, वह उसके प्रमुख पर सवाल उठाकर उसकी साख गिराने की कोशिश करती है। एक के बाद एक कई ट्वीट कर अरुण जेटली ने कहा कि पूर्व में विपक्ष ने देश की सर्वोच्च न्यायपालिका पर सवाल उठाने का काम किया था और अब चुनाव आयोग पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाने का मतलब चुनाव आयोग की संवैधानिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाने का काम किया जा रहा है।  

विदेश में अपना इलाज कराकर शनिवार को स्वदेश लौटे अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी का कानून अब धीरे-धीरे लोगों के अनुकूल हो गया है और इसके अच्छे परिणाम मिलने लगे हैं। न सिर्फ व्यापारियों के लिए, बल्कि अनेक लोगों के लिए सभी जरुरी सामान सबसे कम टैक्स की सीमा के अंदर आ गए हैं जिसकी वजह से लोगों को टैक्स से मुक्ति मिली है या सबसे कम टैक्स देना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि शीघ्र ही जीएसटी के कारण अन्य अनेक जरुरी चीजों की कीमतें कम होंगी।