इंग्लैंड में नाकामी से त्रस्त मुरली विजय ने लिया ‘यह फैसला’

इंग्लैंड में नाकामी से त्रस्त मुरली विजय ने लिया ‘यह फैसला’

अब यह तो आप जानते ही हैं कि टीम इंडिया के ओपनर मुरली विजय की इंग्लैंड दौरे में क्या हालत हुई. बीच दौरे में ही मुरली के बल्ले की बांसुरी बुरी तरह से बज गई!! नतीजा यह हुआ कि सलेक्टरों ने मुरली विजय को बाकी दोनों टेस्ट मैचों मैचों से ही बाहर कर दिया. तीन टेस्ट मैचों के बाद बाकी दो मुकाबलों के लिए लिए जो टीम का ऐलान हुआ, उसमें मुरली विजय की जगह पृथ्वी शॉ और कुलदीप यादव की जगह हनुमा विहारी को टीम में शामिल किया गया. 

वास्तव में इंग्लैंड दौरे में तो मुरली विजय ने रुला कर रख दिया. लेकिन हालात 2014 में ऐसे नहीं थे. इग्लैंड के पिछले दौर में मुरली विजय भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे. इसी को देखते हुए करोड़ों हिंदुस्तानी क्रिकेटप्रेमी यह उम्मीद कर रहे थे कि मुरली विजय इस दौरे में भारत के लिए और बड़ी पारियां खेलेंगे. लेकिन बड़ी पारियों तो दूर, तमिलनाडु का यह ओपनर सामान्य योगदान भी नहीं दे सका. मुरली विजय खेले दो टेस्ट मैचों की चार पारियों में सिर्फ 6.50 के औसत से सिर्फ 26 रन  ही बना सके. अब आप ही बताइए कि कहां पिछले दौरे में चालीस का औसत. और कहां 6.50. ऐसे में टीम से ड्रॉप तो होना ही था.