PAK ने पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी जीती, भारत की 39 साल की सबसे बड़ी हार

PAK ने पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी जीती, भारत की 39 साल की सबसे बड़ी हार

चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में भारत को 180 रनों से करारी शिकस्त देकर पाकिस्तान ने खिताब पहली बार अपने नाम कर लिया है। बेशक भारतीय फैंस को इससे बड़ा झटका लगा है लेकिन ये नहीं भूलना चाहिए कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का ही खेल है। चैंपियंस ट्रॉफी -2017 का फाइनल मुकाबला रविवार को ओवल में खेला गया। टॉस हारकर पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 338 रन बनाए। विशाल टारगेट का पीछा करते हुए भारत महज 158 रन पर ही सिमट गया। भारत की शुरुआत बेहद घटिया रही और टीम इंडिया की आधी टीम महज 54 रन पर पवेलियन लौट गई। भारत की ओर से सबसे अधिक हार्दिक पांड्या ने 76 रन बनाए। हार्दिक पांड्या के अलावा भारत का कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। वहीं बात अगर गेंदबाजी की करें तो रविचंद्रन अश्विन बेहद महंगे गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने बिना कोई सफलता हासिल किए 70 रन लुटाए। भुवनेश्वर कुमार ने 10 ओवर में 2 मेडन ओवर के साथ 44 रन देकर 1 विकेट झटका। उनके अलावा हार्दिक पांड्या और केदार जाधव को भी 1-1 सफलता मिली। मैच में अगर हम पाकिस्तान की जीत के हीरो और भारत की हार के विलेन की बात करें तो इसके लिए हमें पूरे मैच का विश्लेषण करना होगा।

फखर जमां : भारतीय गेंदबाजों को फखर जमां ने पूरी पारी में दहशत में रखा। इस बल्लेबाज ने अपने चौथे ही एकदिवसीय मैच में शतक जड़ा। फखर जमां ने 106 गेंदों में 3 छक्के और 12 चौकों की मदद से 114 रन बनाए, जिसके चलते पाकिस्तान इतना विशाल स्कोर बनाने में सफल रहा।

अजहर अली : पाकिस्तान के ओपनर ने फखर जमां के साथ ना सिर्फ 128 रन की साझेदारी की बल्कि खुद 99 गेंदों में 1 छक्के और 6 चौकों के साथ 59 रन भी बनाए। अगर ये दोनों बल्लेबाज इतनी विशाल साझेदारी ना करते तो टीम 338 रन नहीं बना सकती थी।

सरफराज अहमद : पाकिस्तान के कप्तान सरफराज अहमद ने शानदार विकेटकीपिंग की। उन्होंने इस दौरान 5 कैच लपके। इनमें से शिखर धवन , विराट कोहली केदार जाधव के विकेट भारत के लिए महत्वपूर्ण थे मगर इस विकेटकीपर ने भारत के मंसूबों पर पानी फेरने का बखूबी काम किया।

मोहम्मद आमिर : इन्होंने भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मोहम्मद आमिर ने भारतीय पारी की तीसरी गेंद पर रोहित शर्मा को शून्य पर चलता कर दिया। इसके बाद इस गेंदबाज ने दो और विकेट झटके। भारत 33 रन पर तीन विकेट गंवा चुका था और यहीं से ये महसूस होने लगा कि पाकिस्तान जीत की ओर बढ़ चुकी है।

हसन अली : इस गेंदबाज ने मैच में मोहम्मद आमिर का बखूबी साथ निभाते हुए 6.3 ओवर में 19 रन देकर 3 विकेट झटके। इन्होंने धोनी, जसप्रीत बुमराह और रविचंद्रन अश्विन को आउट किया। साथ ही हार्दिक पांड्या को रन आउट करने में भी योगदान दिया।

रविचंद्रन अश्विन : भारत का ये गेंदबाज मैच में सबसे अधिक रन लुटाने वाला खिलाड़ी रहा। अश्विन ने 10 ओवर में 70 रन लुटा दिए। साथ ही 4 वाइड गेंदें भी फेंक दीं। इतना ही नहीं अश्विन एक अदद विकेट के लिए भी तरसते नजर आए।

जसप्रीत बुमराह : भारत को अपने इस गेंदबाज पर काफी भरोसा था लेकिन चौथे ओवर की पहली ही गेंद पर फखर जमां का कैच धोनी ने लपका और उसे नो-बॉल करार दे दिया गया। यहां से पाकिस्तान को मजबूती मिली। इस नो-बॉल को फेंकने वाले बुमरा ही थे। बुमराह ने पूरे स्पेल में 3 नो-बॉल और 5 वाइड फेंकी।