2015 में पश्चिम बंगाल में ‘सूइसाइड’ करने वाली हर दूसरी महिला गृहिणी

2015 में पश्चिम बंगाल में ‘सूइसाइड’ करने वाली हर दूसरी महिला गृहिणी

कोलकाता
नैशनल क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरो ने महिलाओं में आत्महत्या का जो डाटा जारी किया है, उसके अनुसार गृहिणियों द्वारा आत्महत्या करने का कारण शारीरिक प्राताड़ना और विकल्पों की कमी है। इस डाटा के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में महिलाओं के सूइसाइड करने के मामले में हर दूसरी महिला गृहिणी है। इन महिलाओं ने घरेलू हिंसा से प्रताड़ित होने के कारण ऐसा कदम उठाया है।

1.41 करोड़ की आबादी वाले कोलकाता में इस साल 339 महिलाओं ने सूइसाइड किया। वहीं 1.63 करोड़ की आबादी वाले दिल्ली में 1553 और 87 लाख की आबादी वाले चेन्नै शहर में इस साल 2274 सूइसाइड के मामले दर्ज हुए। सूइसाइड के मामले में बंगाल तीसरे नंबर पर है, लेकिन राजधानी कोलकाता के ग्राफ में कुछ सुधार आया है। सूइसाइड के मामलों में पिछले पांच साल के डेटा के आधार पर इस बार यहां गिरावट दर्ज की गई है।

राज्य में इस साल सूइसाइड के कुल 14,602 मामले दर्ज हुए, जो देश में हुईं कुल आत्महत्याओं का 10.9 फीसदी है। पिछले साल के मुकाबले में इस बार यहां 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। साल 2014 में यहां 14,310 सूइसाइड के मामले सामने आए थे। इस साल पश्चिम बंगाल में महिलाओं द्वारा की गई सूइसाइड के कुल 5,537 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 2,908 महिलाएं गृहिणियां थीं। राज्य के पॉलिसी मेकर्स के लिए चिंता की बात यह भी है कि यहां महिलाएं पारिवारिक दबाव और घरेलू समस्याओं के कारण दयनीय स्थिति में हैं। इसके अलावा राज्य में दहेज प्रताड़ना के कारण भी बड़ी संख्या में महिलाएं सूइसाइड करती हैं।