जिगिशा मर्डर केस में दो आरोपियों को फांसी और एक को उम्रकैद

जिगिशा मर्डर केस में दो आरोपियों को फांसी और एक को उम्रकैद

जिगिशा घोष मर्डर केस में दो आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई है, जबकि एक आरोपी को उम्र कैद की सजा दी गई है। रवि कपूर और अमित शुक्ला को फांसी की सजा दी गई है, तीसरे दोषी बलजीत मलिक को उम्र कैद मिली है। मार्च 2009 में आईटी प्रफेशनल जिगिशा घोष के साथ लूटपाट के बाद उनका मर्डर कर दिया गया था। जिगिशा की लाश हरियाणा के सूरजकुंड के पास 2 दिन बाद मिली थी।

 

 

कोर्ट ने इसे 'रेयर ऑफ द रेयरेस्ट' मामला करार दिया और आरोपियों को सख्त सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों ने केवल मजे के लिए जिगिशा की हत्या की। महिलाओं के साथ जिस तरह से अत्याचार और आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, उन पर लगाम लगाने के लिए दोषियों को कड़ी सजा सुनाया जाना जरूरी था।​

 

 

14 जुलाई को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने रवि कपूर, अमित शुक्ला और बलजीत सिंह मलिक को IPC के तहत हत्या, अपहरण, लूटपाट, फर्जीवाड़े के अपराधों का दोषी ठहराया था।

 

 

सात साल पहले आईटी एग्जेक्युटिव जिगिशा का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। जिगिशा का ऑफिस से लौटते वक्त सुबह 4 बजे बसंत विहार एरिया में उनके घर के बाहर से ही किडनैप कर लिया गया था। इसके बाद आरोपियों ने जिगिशा के एटीएम और क्रेडिट कार्ड का यूज करते हुए सरोजनी नगर मार्केट से खरीदारी की। हरियाणा में सूरजकुंड के निकट एक जगह से 21 मार्च 2009 को जिगिशा का शव बरामद किया गया था।