गुड़गांव गैंगरेप-मर्डर केसः हत्थे चढ़ा कैंटर चालक, पीड़िता के साथ की थी छेड़छाड़

गुड़गांव गैंगरेप-मर्डर केसः हत्थे चढ़ा कैंटर चालक, पीड़िता के साथ की थी छेड़छाड़

गुड़गांव के चर्चित गैंगरेप-मर्डर केस के एक अन्य आरोपी कैंटर चालक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने पीड़िता को लिफ्ट देने के बहाने उसके साथ अश्लील हरकत की थी. गुड़गांव पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर चुकी है.

आईएमटी पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि 35 वर्षीय कैंटर चालक राजेश को NH-8 स्थित शनि मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया है. कैंटर को जब्त कर लिया गया है. इस दिल दहलाने वाले केस में राजेश ही वो आरोपी था, जिसने सबसे पहले पीड़िता को खांडसा जाने के लिए लिफ्ट दी थी.

कैंटर चालक ने की थी छेड़छाड़
दरअसल रास्ते में उसने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की. विरोध करने पर राजेश ने पीड़िता को कैंटर से उतार दिया. पीड़िता की मानें तो राजेश उस वक्त शराब के नशे में था. फिलहाल पुलिस केस की तफ्तीश में जुटी है. वहीं इस मामले में पुलिस के लापरवाह रवैये के चलते थाने के एसएचओ पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है.

सुरक्षा व्यवस्था जस की तस
गौरतलब है कि इस मामले में बड़ा सवाल आईएमटी की सुरक्षा व्यवस्था का आज भी जस का तस नजर आ रहा है. शनिवार रात इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर किए गए रियल्टी चेक में इस मॉडल औद्योगिक नगरी में ज्यादातर स्ट्रीट लाइट्स नहीं जल रहीं थीं. पूरे इलाके में पुलिस की रात्रि गश्त का कहीं कोई नामों-निशान नहीं था.

जल्द होगा कर्मचारियों का वेरीफिकेशन
इस बारे में जब थाना प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने स्ट्रीट लाइट्स के नहीं जलने की बात स्वीकार की. इलाके में रात्रि गश्त के सवाल पर बोलते हुए वह असहज नजर आए. उन्होंने इंड्रस्ट्रियल टाउनशिप के आस-पास के इलाके में रह रहे सभी कर्मचारियों के जल्द पुलिस वेरीफिकेशन की बात कही. कुल मिलाकर आईएमटी मानेसर की सुरक्षा व्यवस्था आज भी गुड़गांव पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.

क्या था मामला
29 मई को एक ऑटो ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला के साथ गैंगरेप किया और उसकी 9 माह की बच्ची की निर्ममता से हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि पीड़िता अपनी बच्ची की लाश लेकर मेट्रो से दिल्ली के एम्स आई थी. जिसके बाद वह मेट्रो से ही गुड़गांव वापस चली गई.

पीड़िता के बयान के बावजूद खामियां
30 मई को दर्ज की गई एफआईआर में पीड़िता के लिखित बयान के बावजूद ऑटो चालक की भूमिका का जिक्र तक नहीं किया गया. दूसरी सबसे बड़ी पुलिस की लापरवाही ये रही कि 3 जून को पुलिस के मुताबिक पीड़िता फिर आईएमटी थाने पहुंची और खुद के साथ गैंगरेप की बात कबूल की.

दर्ज किया गैंगरेप का मामला
महिला के बयान के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप की धाराओं के तहत केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन कई संगीन धाराएं (अपहरण, मारपीट, बंधक बनाने संबंधी धाराएं) लगाना मुनासिब नहीं समझा. राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस केस का संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.