दिवाली की रात SC के आदेश का उल्लंघन, 10 बजे के बाद खूब चले पटाखे, 310 गिरफ्तार

दिवाली की रात SC के आदेश का उल्लंघन, 10 बजे के बाद खूब चले पटाखे, 310 गिरफ्तार

अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दीपावली की रात पटाखे जलाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने के 550 से अधिक मामले दर्ज किए गए और 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है .

दिवाली की रात पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों से 2776 किलो पटाखे भी जब्त किए. अवैध रूप से पटाखों की बिक्री के संबंध में 72 मामले दर्ज किये गए और इसमें कुल 87 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

दिल्ली पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (आज्ञा का उल्लंघन) के तहत करीब 562 मामले दर्ज किये गए हैं और शीर्ष अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने के मामले में 310 लोगों को गिरफ्तार किया गया है .

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उन्हें बाद में जमानत दे दी गई .  उन्होंने बताया कि शीर्ष अदालत के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में 24 किशोरों के खिलाफ भी किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है . उच्चतम न्यायालय ने दीपावली की रात पटाखे जलाने की समय सीमा रात दस बजे तक निर्धारित की थी.

अगले दो दिन तक वायु गुणवत्ता के 'गंभीर' श्रेणी में रहने की आशंका
सरकारी एजेंसियों की रिपोर्ट में गुरुवार को कहा गया है कि दिल्ली में अगले दो दिनों तक वायु गुणवत्ता के 'गंभीर' श्रेणी में रहने की आशंका है क्योंकि पटाखों से निकलने वाले धुएं ने प्रदूषण फैलाने वाले कारकों के छितहराने की प्रक्रिया को धीमा कर दिया है .

सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली की रात पटाखे जलाने के लिए रात दस बजे तक की समय सीमा निर्धारित की थी. लोगों ने कई शहरों में इसका जमकर उल्लंघन किया और रात दस बजे की समय सीमा को तोड़ते हुए आधी रात तक पटाखे चलाए . जिन बड़े शहरों में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश का उल्लंघन किया गया उनमें राष्ट्रीय राजधानी के अलावा मुंबई, कोलकाता और जयपुर शामिल है .

वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ कर 574 पर पहुंच गया 
सरकारी एजेंसी ‘सफर’ के आंकड़ों के अनुसार पटाखों से निकले धुएं के कारण दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ कर 574 पर पहुंच गया जो ‘गंभीर से बेहद गंभीर’ स्थिति है. सफर की ओर से जारी परामर्श के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक के ‘गंभीर से बेहद गंभीर’ स्थिति में होने का मतलब है कि एक स्वस्थ व्यक्ति श्वसन की बीमारी से पीड़ित हो सकता है . बीमार लोगों को यह हवा बहुत बुरी तरीके से प्रभावित करेगी . सफर की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि यह गंभीर स्थिति अगले दो दिन तक जारी रहेगी .

इसमें कहा गया है, ‘पिछले साल की दिवाली की तुलना में इस साल विषैले पटाखों से निकलने वाले धुए में 50 प्रतिशत की बढोत्तरी हुई है . मौजूदा मौसम की स्थिति उच्च धुएं के स्तर में वृद्धि करेगी और कम से कम 2 दिन (8- 9 नवंबर 2018) गंभीर स्थिति बनी रहेगी .'