नर्सरी : अलमनाई और सिबलिंग बड़े क्राइटेरिया

नर्सरी : अलमनाई और सिबलिंग बड़े क्राइटेरिया

नई दिल्ली
करीब 1400 स्कूलों के ऐडमिशन प्रोसेस से साफ है कि सिबलिंग और अलमनाई क्राइटेरिया ऐडमिशन के लिए बड़े फैक्टर हैं। 2 जनवरी से इन स्कूलों में ऐडमिशन शुरू हो चुका है और ज्यादातर ने डिस्टेंस के बाद इन दो क्राइटेरिया को अहमियत दी है।

कई स्कूलों ने इन दो कैटिगरी को अलग-अलग 25 से 30 तक पॉइंट दिए हैं। सरकार जल्द ही उन 298 स्कूलों के लिए भी गाइडलाइंस जारी करेंगी, जो सरकारी जमीन पर बने हैं और पहले पड़ोस के बच्चों को ऐडमिशन देने की शर्त से बंधे हुए हैं। मगर हाई कोर्ट के दखल के बाद सरकार ने इन स्कूलों के लिए जो पॉलिसी बनाई है, उसके लागू होने पर अलमनाई और सिबलिंग क्राइटेरिया के लिए इन स्कूलों में सीटें बचना मुश्किल होंगी।

ये स्कूल सिबलिंग और अलमनाई क्राइटेरिया को अपनी क्राइटेरिया लिस्ट में बड़ी जगह देना चाहते हैं और इसे लेकर वे कोर्ट जाने के लिए भी तैयार हैं।

1385 स्कूलों में प्रोसेस शुरू

1385 प्राइवेट स्कूलों में ऐडमिशन प्रोसेस शुरू हो चुका है। 19 दिसंबर को जारी सरकार की गाइडलाइंस के हिसाब से इन स्कूलों को पिछले साल की तरह ही पॉइंट सिस्टम के हिसाब से ऐडमिशन करने होंगे।

इनमें प्राइवेट लैंड पर बने स्कूलों के अलावा वे स्कूल भी शामिल हैं, जो सरकारी जमीन पर हैं मगर इनके लैंड अलॉटमेंट कंडिशन में नेबरहुड क्राइटेरिया का जिक्र नहीं है।

इन्हें अपने क्राइटेरिया तय करने की छूट है, बशर्ते वे जायज हों। सरकार ने इन स्कूलों को 51 क्राइटेरिया की लिस्ट भी दी है, जिनके हिसाब से वे ऐडमिशन नहीं कर सकते, जैसे पैरंट्स की क्वॉलिफिकेशन, टेस्ट, इंटरव्यू, एज, जॉइंट फैमिली, वेजिटेरियन।