ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता नारायण रेड्डी का निधन, जानें इनके बारे में

ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता नारायण रेड्डी का निधन, जानें इनके बारे में

जाने माने कवि और लेखक सी नारायण रेड्डी का आज निधन हो गया. वो 86 साल के थे.

29 जुलाई 1931 को जन्म लेने वाले नारायण रेड्डी को उनके बेहतरीन लेखनी के लिए साल 1988 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया था. तेलगु लिटरेचर की दुनिया में नारायण रेड्डी का नाम एक स्तंभ की तरह है. 

नारायण रेड्डी ने ओसमानिया यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की. कॉलेज के दौरान भी नारायण अपनी कविताओं की वजह से लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहते थे. फिर सुशीला रेड्डी से शादी की, जिससे उनकी 4 बेटियां हैं. वो अपनी पत्नी से इतने ज्यादा प्रभावित थे कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम से एक अवॉर्ड की शुरुआत कर दी, जो महिला लेखिकाओं को दिया जाता था.

नारायण रेड्डी को साल 1978 में आंध्रा यूनिवर्सिटी की ओर से कला प्रपूर्णा अवॉर्ड दिया गया. वहीं साल 1977 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया था. इसके अलावा साल 1988 में राज-लक्ष्मी अवॉर्ड और साल 1992 में भारत के तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण दिया गया. 

साल 1997 में नारायण रेड्डी को को राज्य सभा के लिए नामित किया गया था. नारायण रेड्डी ने फिल्मी जगत में भी काफी नाम कमाया. उनके लिखे गानों ने साउथ फिल्मों में खूब धूम मचाया.

साल 1962 में ही नारायण ने फिल्म इंडस्ट्री के लिए गाना लिखना शुरू कर दिया. पहली फिल्म मिली 'गुलेबकावली कथा'. इस फिल्म के साथ ही वो मशहूर हो गए. नारायण रेड्डी ने फिल्मों के लिए 3000 से ज्यादा गाने लिखे. यहां तक कि कुछ फिल्मों की कामयाबी का श्रेय भी नारायण के लिखे गानों को दिया ही दिया जाता है.