जवानी में जिंदगी बचानी है तो सुबह जल्‍दी उठना जरूरी, अच्‍छी नींद के लिए अपनाएं ये टिप्‍स

जवानी में जिंदगी बचानी है तो सुबह जल्‍दी उठना जरूरी, अच्‍छी नींद के लिए अपनाएं ये टिप्‍स

 देर रात तक जगना सेहत (sleeping) को नुकसान पहुंचाता है. एक शोध में बताया गया है कि जो व्‍यक्ति देर रात तक जागते हैं और सुबह देर से सोकर उठते हैं वे सुबह जल्‍दी जगने वालों की तुलना में कम जीते हैं. उनके मरने की आशंका 10 फीसदी अधिक रहती है. शिकागो की नार्थवेस्‍टर्न यूनिवर्सिटी ने चार लाख से अधिक लोगों पर अध्‍ययन के बाद यह निष्‍कर्ष निकाला है. 'द गार्जियन' में छपी खबर के मुताबिक सेहत अच्‍छी रखनी है तो कम से कम सात से नौ घंटे की नींद जरूरी है. 

रात में जगना बढ़ाता है बदन दर्द
अध्‍ययन के मुख्‍य शोधकर्ता (research) क्रिस्टन नटसन की मानें तो रात में जागने वालों में शारीरिक समस्याएं भी अधिक होती हैं. शोध में 38 से 73 वर्ष के अंग्रेजों को शामिल किया गया. इनमें 27 फीसदी ने कहा कि वे सुबह जल्‍दी उठ जाते हैं जबकि 9 फीसदी रात में देर तक जागते हैं. नटसन ने कहा कि अगर ब्रिटेन की पूरी जनसंख्‍या के आधार पर इस प्रतिशत को रखा जाए तो करीब 58 लाख लोग की सेहत खतरे में है. उन्‍हें डायबिटीज, दिल की बीमारी, मनोवैज्ञानिक दिक्‍कत, श्‍वांस लेने में तकलीफ होती है. 

न सोने से रुक जाता है डिटॉक्‍सीफिकेशन
नींद पर एक अन्‍य अध्‍ययन में बताया गया है कि नींद बॉयोलॉजिकल प्रक्रिया से संबंधित है. यह पूरी शारीरिक प्रक्रिया में जरूरी भूमिका अदा करती है. 'हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स' में छपे इस अध्‍ययन में रीसेट के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की प्रमुख डॉ. दीप्ति बागरी ने कहा कि कम सोकर आप अपने शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उनके मुताबिक जब हम सोते हैं तब शरीर के अंगों में डिटॉक्‍सीफिकेशन प्रक्रिया होती है. सुबह जब सोकर उठते हैं तो यूरीन गाढ़े पीले रंग की होती है. ऐसा किडनी के डिटॉक्‍सीफिकेशन के कारण होता है. कुछ लोगों के म्‍यूकस या कफ की समस्‍या भी होती है. अच्‍छी नींद से पाचन क्रिया भी अच्‍छी रहती है.

अच्‍दी नींद आने के टिप्‍स
नींद हार्मोन से जुड़ी है. इसके लिए मेलेटोनिन हार्मोन जिम्‍मेदार होता है. इसलिए रात में सोने से पहले चेरी, कीवि, दूध या बादाम का सेवन करना चाहिए. सोने से पहले कमरे में रोशनी कम रहनी चाहिए. गर्म पानी से नहाने से भी नींद अच्‍छी आती है. इससे शरीर की मांसपेशी और नसें रिलेक्‍स होती हैं. तनावग्रस्‍त रहने से भी नींद न आने की समस्‍या होती है. बेहतर है तनाव लेने से बचें. इसके लिए ध्‍यान और गहरी श्‍वांस लेनी चाहिए.