कभी अपने दिल की भी सुनो, इस तरह रखें धड़कन पर काबू

कभी अपने दिल की भी सुनो, इस तरह रखें धड़कन पर काबू

सर्दी का प्रकोप जारी है. सर्दी के कारण तमाम समस्याओं का तो सामना करना पड़ता ही है, साथ ही ठंड का मौसम दिल के मरीजों के लिए बहुत नुकसानदायक साबित होता है, खासतौर से दिल्ली का सर्द मौसम दिल का दुश्मन माना जाता है. इन दिनों दिल के दौरे, अरहाइथमाइस, अचानक कार्डिएक अरेस्ट यानी दिल फेल हो जाने के मामले ज्यादा देखे जाते हैं. इसलिए इन दिनों दिल की धड़कन का खास ख्याल रखना चाहिए. समय-समय पर डॉक्टर की सलाह लेने के साथ ही उनके बताए सुझाव पर अमल करें. इससे आप का दिल और सेहत दोनों फिट बने रहेंगे.

विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंड का मौसम बच्चों और बड़े-बूढ़ों के लिए ज्यादा नुकसानदायक होता है. इनके अलावा हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी इन दिनों अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए. वजह ये है कि सर्दी होने के कारण शरीर से पसीना बाहर नहीं आ पाता, जिस कारण शरीर में नमक की मात्रा बढ़ जाती है. इसके अलावा तेजी से बदलती जीवनशौली ने सेहत के सामने नए-नए खतरे खड़े कर दिए हैं.

हमें अन्य बातों की तरह ही सेहत के ध्यान को भी डैली रूटीन में शामिल कर लेना चाहिए. आप चाहें घर में हों या दफ्तर में, थोड़ा समय शरीर के लिए जरूर निकालें. ध्यान रखें अगर आपकी लापरवाही से आपका दिल रूठ गया तो फिर उसे मनाने की सारी कवायद बेकार साबित हो जाएंगी.

पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल बताते हैं चूंकि सर्दी का मौसम होने के साथ-साथ ये दिन ब्याह-शादी और त्योहारों के भी होते हैं. सर्दी में आदमी का पाचन भी अच्छा रहता है और इन दिनों दावतों का खूब आनंद उठाया जाता है. लोग खूब तली-भुनी चीजें खाते हैं. चूंकि इन दिनों शारीरिक श्रम बहुत कम होता है, इसलिए शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है. इसलिए इन दिनों दिल का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है.

घर में हों या दफ्तर में, इन बातों का रखें ध्यान-

ज्यादा सर्दी से खुद को बचा कर रखें. कोहरे या धुंध में निकलने से परहेज करें.

सुबह या शाम को समय निकालकर थोड़ी बहुत एक्सरसाइज जरूर करें, ताकि शरीर से पसीना बाहर आए.

सर्दी में चाय और पकोड़ों की बार-बार याद आती है. इसलिए खान-पान के मामले में खुद पर कंट्रोल रखें.

ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाने से परहेज करें. खाने में फलों को जरूर शामिल करें.

सीने में किसी भी तरह की कोई परेशानी हो तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं, लापरवाही ना करें.

नियमित व्यायाम करने से हृदय की धड़कन प्रक्रिया बेहतर काम करती है. शरीर को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है. 

भरपूर नींद लें और अधिक थकान होने पर शरीर को आराम करने दें.

सात घंटे से कम सोने वाले लोगों को दिल की बीमारी होने का खतरा ज्यादा रहता है.

अधिक तनाव ब्लड प्रेशर को बढ़ाता और दिल की मांसपेशियों को प्रभावित करता है. इसलिए कोशिश करें कि तनाव से दूर रहें.

आपका वजन अधिक है तो आपके हृदय पर दबाव पड़ता है, दिल तेजी से धड़कता है. इसलिए वजन पर कंट्रोल रखें.

विटामिन-बी का नियमित उपयोग करने से होमोसिसटेन का स्तर कम होता है. होमोसिसटेन का बढ़ना दिल के लिए खतरनाक है.

धुम्रपान और शराब के सेवन से दूर रहें. अगर ये आदत में शुमार हैं तो कम मात्रा में सेवन करें, हो सके तो बिल्कुल छोड़ दें.

सर्दी में हम कम पानी पीते हैं, जोकि सेहत के लिए खराब है. इसलिए प्यास ना भी लगे फिर भी पानी पीते रहें.