इन दिनों शहर व ग्रामीण इलाकों में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ा....

इन दिनों शहर व ग्रामीण इलाकों में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ा....

इन दिनों शहर व ग्रामीण इलाकों में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। शहर का शायद ही कोई ऐसा एरिया हो जहां जलजमाव व गंदगी नहीं हो। ऐसे में लोगों में डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया, कालाजार जैसी बीमारियों का डर सताने लगा है। जिले के सबसे बड़े सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों की जांच के लिए किट की व्यवस्था है। लेकिन इन मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग वार्ड की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके साथ ही डेंगू मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। आशंकित मरीजों की जांच के बाद पॅाजिटीव रहने पर बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया जाता है। हालांकि, सिविल सर्जन डा. श्रीनाथ प्रसाद डेंगू के मरीजों की जांच व इलाज की सुविधा रहने की बात करते हैं। 

-50 हजार से प्लेटलेट्स कम होने मरीज को करते रेफर

जिला मलेरिया उन्मूलन पदाधिकारी डा. उमेश चंद्र बताते हैं कि डेंगू की सही जांच रायडर एलिसा टेस्ट के जरिए ही हो पाता है। जो कि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में सेवा उपलब्ध है। वे बताते हैं जिला स्तर पर इसके जांच की कुछ सुविधाएं हैं। सभी पीएचसी में सेमी ऑटो एनलाइजर मशीन उपलब्ध कराया गया है। वे बताते हैं कि इसमें मरीज को ब्रूफेन या एस्प्रीन की दवा नहीं देनी चाहिए। बुखार को कम करने के लिए पारासिटामोल ही कारगर दवा है। डॉ. चंद्रा ने बताया कि जिस मरीज का प्लेटलेट्स 50 हजार से कम होने लगता है उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया जाता है।

-एडिस मच्छर के काटने से होता है डेंगू

डेंगू जिसे हड्डी तोड़ बुखार के नाम से भी जाना जाता है यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। यह मादा एडिस मच्छर के काटने से होता है। इस बीमारी में मरीज को तेज बुखार होता है। पूरे शरीर में तेज दर्द होता है। जोड़ों में दर्द असहनीय तरीके से होता है। बीमार मरीज का रक्त प्लेटलेटस तेजी से घटता जाता है। जानलेवा एडिस मच्छर ज्यादातर साफ पानी में ही पनपता है। यह मच्छर दिन में ही ज्यादातर काटता है। डेंगू से पीड़ित मरीज को तेज बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर लाल धब्बा, उल्टी के साथ रक्त स्त्राव होना एवं काला मल होना प्रमुख लक्षण है। ऐसी स्थिति में पीड़ित मरीज को तुरंत समीप के सरकारी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों की सलाह लेनी चाहिए।