आखिर क्‍यों शनिदेव को तेल चढ़ाया जाता है? जाने!

आखिर क्‍यों शनिदेव को तेल चढ़ाया जाता है? जाने!

शनिदेव को कर्मफल दाता यानि कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना गया है। उनकी पूजा में तेल चढ़ाने की अत्‍यंत मान्‍यता है। चलिए जानें की आखिर क्‍यों शनिदेव को तेल चढ़ाया जाता है? पौराणिक कथाओं में वर्णन किया गया है कि जब अहंकार में चूर रावण ने अपने बल से सभी ग्रहों को बंदी बना लिया था,तब शनिदेव को भी उसने बंदीग्रह में उल्टा कर लटका दिया था। जब हनुमानजी, प्रभु राम के दूत बनकर लंका पहुंचे, तो रावण ने उनकी पूंछ में भी आग लगवा दी। रावण की इस हरकत से क्रोधित होकर हनुमानजी ने पूरी लंका जला दी और सारे ग्रह आजाद हो गए, लेकिन उल्‍टा लटका होने के कारण शनि के शरीर में भयंकर पीड़ा हो रही थी और वह दर्द से कराह रहे थे। तब शनि के दर्द को शांत करने के लिए हुनमानजी ने उनके शरीर पर तेल से मालिश की थी। उसी समय शनि ने कहा कि जो भी व्‍यक्ति श्रद्धा भक्ति से उन पर तेल चढ़ाएगा उसे सारी समस्‍याओं से मुक्ति मिलेगी। और तभी से शनिदेव पर तेल चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई थी।