ED ने कोर्ट से की नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भगोड़ा अपराधी घोषित करने की मांग

ED ने कोर्ट से की नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भगोड़ा अपराधी घोषित करने की मांग

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को विशेष पीएमएलए अदालत का दरवाजा खटखटाकर हीरा व्यावसायी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को ‘ भगोड़ा आर्थिक अपराधी ’ करार देने की मांग की. एजेंसी ने दो अरब डॉलर के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में उनकी 3500 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त करने की मांग की है. 

अधिकारियों ने बताया कि दोनों के खिलाफ हाल में लागू किए गए भगोड़ा आर्थिक अपराध अध्यादेश के तहत दो अलग - अलग आवेदन अदालत में दिए गए हैं. यह अदालत धनशोधन निरोधक कानून के तहत मामलों की सुनवाई करती है. 

एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में व्यावसायी विजय माल्या के खिलाफ नौ हजार करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में इसी तरह का आवेदन दिया था और अदालत ने नए अधिनियम के तहत उसे 27 अगस्त के लिए समन जारी किए थे. 

नए आवेदन में नीरव मोदी और चोकसी तथा उनकी कंपनियों की करीब 3500 करोड़ रुपये की संपत्ति को तुरंत जब्त करने की मांग की गई. एजेंसी उनकी चल - अचल संपति को जब्त करना चाहती है जिसमें ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात की संपत्ति भी शामिल है.

एजेंसी की तरफ से दायर दो पीएमएलए आरोप पत्रों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. एजेंसी ने अपने आवेदन में कहा कि जांच से पता चलता है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने कुछ बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से ठगी का अपराध किया है और इससे बैंकों को काफी नुकसान हुआ है. 

नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ ईडी और सीबीआई जांच कर रही है. दोनों ने पंजाब नेशनल बैंक के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से बैंक को 13400 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया था जिसका पता चलने के बाद उनके खिलाफ जांच चल रही है.