एक महीने में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 6 बैठकें, 38 जजों के लिए नामों की हुई सिफारिश

एक महीने में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 6 बैठकें, 38 जजों के लिए नामों की हुई सिफारिश

देशभर की अदालतों में जजों के खाली पड़े पद न्याय व्यवस्था के लिए एक चिंता का सबब बने हुए हैं। इन पदों को भरने को लेकर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम लगातार प्रयास कर रहा है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने महज एक महीने में 6 बैठकें की हैं। 

कॉलेजियम की इन बैठकों में अब तक उच्च न्यायालयों के 9 मुख्य न्यायाधीश और 29 जजों के नामों का प्रस्ताव केंद्र के पास भेजा जा चुका है। इसके अलावा अलग-अलग उच्च न्यायालयों में जजों के तबादले भी हुए हैं। 

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के लिए इन 9 नामों की सिफारिश 

ए. पी. शाही (पटना उच्च न्यायालय) 

डी. के. गुप्ता (कलकत्ता उच्च न्यायालय) 

गोविंद माथुर (इलाहाबाद उच्च न्यायालय) 

संजय करोल (त्रिपुरा उच्च न्यायालय) 

एन. एच. पाटिल (बॉम्बे उच्च न्यायालय) 

ए. एस. बोपन्ना (गुवाहाटी उच्च न्यायालय) 

एस. के. सेठ (मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय) 

रमेश रंगनाथन (उत्तराखंड उच्च न्यायालय) 

विजय कुमार बिष्ट (सिक्किम उच्च न्यायालय) 

इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अगस्त और सितंबर दोनों महीने मिलाकर कुल 6 बैठके की थीं, जिसमें हाईकोर्ट के जजों के लिए कुल 40 वकीलों और न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश केंद्र को भेजी गई थी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में अभी भी जजों के 76 पद खाली 

पिछले दो महीनों की बात करें तो जजों के लिए कॉलेजियम द्वारा की गई नामों की सिफारिश के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट सबसे ऊपर है। ऐसा इसलिए कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में जजों के कुल 160 पद स्वीकृत हैं, लेकिन अभी भी यहां 76 पद खाली ही हैं। 

हालांकि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज के लिए कुल 30 नामों की सिफारिश केंद्र को भेजी थी और इनमें से कई नामों को केंद्र ने जज बनाने की मंजूरी भी दे दी।