नोटबंदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामी, इससे ध्वस्त हुई देश की अर्थव्यवस्था : आप

नोटबंदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामी, इससे ध्वस्त हुई देश की अर्थव्यवस्था : आप

आम आदमी पार्टी ने नोटबंदी को देश के इतिहास में सरकार की सबसे बड़ी नाकामी करार दिया। नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर आप का कहना है कि जिस तरह से 9/11 अमेरिका के इतिहास में एक बड़ी त्रासदी है, उसी तरह भारत के इतिहास में 8/11 एक बड़ी त्रासदी के रूप में जाना जाता है। पार्टी का आरोप है कि नोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था को धराशायी कर दिया।    

 

 
पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए दक्षिणी दिल्ली से आप लोकसभा प्रभारी राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि नोटबंदी आजादी के बाद के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। आरबीआई की रिपोर्ट बताती है कि देश की कुल मुद्रा 15.44 लाख हजार करोड़ में से 15.31 लाख हजार करोड़ बैंक में वापस आ गए।

बाकी बचा 13 हजार करोड़ रुपये देश की मुद्रा के रूप में नेपाल या भूटान जैसे देशों में पड़ा है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी पर भाषण देते हुए कहा था कि इससे लगभग 3 से 5 लाख करोड़ का कालाधन पकड़ा जाएगा।      

राघव चड्ढा ने कहा कि नोटबंदी के समय किए गए सारे दावे फेल हो गए हैं। इससे न काला धन पकड़ा गया और न ही आतंकवाद व नक्सलवाद की कमर टूटी। नकली नोटों का चलन भी नहीं बंद हुआ है।     राघव चड्ढा ने बताया कि नोटबंदी से देश की जीडीपी में करीब डेढ़ फीसदी की गिरावट आई है।

वहीं, देश में छोटा व्यापार तकरीबन खत्म हो गया है। इसके साथ ही उस वक्त करीब 115 लोगो की मौत हो गई थी। 35 लाख लोगों को नौकरी गंवानी पड़ी। करीब 8 हजार करोड़ रुपये नए नोट छापने में लगा दिए गए। इस दौरान राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री से नोटबंदी के बारे में सवाल भी किए।      
   
 प्रधानमंत्री से सवाल
-नोटबंदी से कितना काला धन पकड़ा गया?      
-नोटबंदी से देश को कितना आर्थिक नुकसान हुआ?      
-नोटबंदी से मरने वालों वालों के परिवारों को क्या काई सरकारी मदद मिली?      
-क्या मोदी जी ने नोटबंदी से पहले वित्तमंत्री, आरबीआई, आर्थिक सलाहकार या अपने मंत्रिमंडल से किसी भी प्रकार की कोई चर्चा की थी?