योगेंद्र यादव के समर्थन में आए केजरीवाल, पीएम मोदी पर साधा निशाना

योगेंद्र यादव के समर्थन में आए केजरीवाल, पीएम मोदी पर साधा निशाना

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने पुराने सहयोगी योगेंद्र यादव का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को बदले की राजनीति बंद करनी चाहिए. दरअसल बुधवार को योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक कारणों से सरकार उनके परिवार को निशाना बना रही है और उनकी बहन-जीजा के अस्पताल पर इनकम टैक्स की रेड डाली गई है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और हरियाणा राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलने के चलते उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है. 

इस पर योगेंद्र यादव के समर्थन में आते हुए केजरीवालने कहा कि वो मोदी सरकार द्वारा योगेंद्र यादव के परिवार को पीड़ित करने की निंदा करते हैं. उन्होंने ट्वीट किया, 'मोदी सरकार द्वारा इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके योगेंद्र यादव के परिवार को पीड़ित करने की हम जोरदार निंदा करते हैं. मोदी सरकार को इस तरह की बदले की राजनीति बंद करनी चाहिए.'

 

राजनीतिक कयास 
योगेंद्र यादव और अरविंद केजरीवाल पुराने सहयोगी रहे हैं. उन्होंने इंडिया अगेंस्ट करप्शन और फिर आम आदमी पार्टी में साथ काम किया. हालांकि बाद में अरविंद केजरीवाल से मतभेदों के कारण योगेंद्र यादव पार्टी से बाहर हो गए. ऐसे में जब केजरीवाल ने योगेंद्र यादव के समर्थन में ट्वीट किया है तो इसके राजनीतिक कयास भी निकाले जा सकते हैं. 

योगेंद्र यादव ने बुधवार को आरोप लगाया था कि एमएसपी और ठेका बंदी आंदोलन शुरू होने के बाद मोदी सरकार उनके परिवार के पीछे पड़ गई है और इस कारण ही रेवाड़ी में उनकी बहन और जीजा के अस्पताल पर इनकम टैक्स की रेड डाली गई. उन्होंने कहा, 'सरकार मेरी जांच करे, मेरे घर पर रेड डाले, लेकिन मेरे परिवार को क्यों तंग करते हो.' 

क्यों हुई छापामारी
खबरों के मुताबिक गुरुग्राम आयकर विभाग की टीम ने योगेंद्र यादव के बहनोई एवं शहर के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र यादव के अस्पताल कमला नर्सिंग होम और उनकी बहन डॉ. पूनम यादव के कलावती अस्पताल को खंगाला. आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक छापेमारी में 22 लाख रुपये नकद मिले हैं. विभाग ने योगेंद्र यादव के भांजे के ठिकाने पर भी छापेमारी की. अधिकारियों का कहना है कि आयकर विभाग को पता चला था कि ज्वेलरी खरीदने के लिए इन लोगों ने नीरव मोदी की कंपनी को नकद में भुगतान किया था. इसके बाद ही छापेमारी की गई.