गरीब सवर्णों के आरक्षण के लिए संघर्ष करेंगे रामविलास

गरीब सवर्णों के आरक्षण के लिए संघर्ष करेंगे रामविलास

केन्द्रीय मंत्री व लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ गुरुवार को किए गए भारत बंद की निंदा की और कहा कि इसका असर तीन-चार राज्यों में कुछ जगहों पर रहा। उन्होंने कहा कि लोजपा गरीब सवर्णों को आरक्षण देने का हमेशा ही समर्थन करती रही है। गरीब सवर्णों को 15 फीसद आरक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए लोजपा संघर्ष करेगी। 

उन्होंने कहा कि दलितों के दो अप्रैल के भारत बंद को विपक्ष द्वारा जमकर हवा दी गई थी एवं सफलता का क्रेडिट लिया गया था। लेकिन, विपक्ष सवर्णों के भारत बंद में चुप्पी क्यों साधे है? राहुल गांधी, मायावती एवं मुलायम सिंह यादव ने कोई बयान क्यों नहीं दिया। 

पासवान ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट को लेकर समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है। कानून का इस्तेमाल गलत के खिलाफ होता है। इसलिए एससी-एसटी कानून को लेकर डरने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट 1989 में बना था। उस समय इसमें 22 अपराध शामिल किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एक्ट को नहीं बनाया, बल्कि इसमें 25 और अपराध जोड़े। इस तरह 47 अपराध शामिल हो गए। 

उन्‍होंने कहा, एक्ट 29 साल पहले बना था, उस समय से लेकर अभी तक सात प्रधानमंत्री हुए। लेकिन, आज तक किसी ने भी संसद में एक्ट के दुरुपयोग को लेकर विरोध नहीं किया। केन्द्र सरकार द्वारा सभी पाटिर्यों के सहयोग से एससी-एसटी एक्ट बिल को पास किया गया। इसके बाद सबकुछ शांत हो गया, लेकिन अचानक एक्ट का विरोध होने लगा। इसके पीछे विपक्ष की साजिश है। 

पासवान ने कहा, लोगों को समझना चाहिए कि कांग्रेस ने हमेशा ही समाज को बांटने का काम किया है। ऊंची जाति के लोग प्रबुद्ध होते हैं। इनलोगों ने ही सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया है। सवर्ण जाति को विपक्ष के बहकावे में नहीं आना चाहिए।