सोनिया गांधी ने दी डूसू अध्‍यक्ष को ईमान बचाए रखने की नसीहत

 सोनिया गांधी ने दी डूसू अध्‍यक्ष को ईमान बचाए रखने की नसीहत

दिल्‍ली यूनिवर्सिटी स्‍टूडेंट्स यूनियन इलेक्‍शन में चार साल की विजेता ABVP को पछाड़कर अध्‍यक्ष पद जीतने वाले NSUI को कांग्रेस आलाकमान ने बधाई दी है। साथ ही नसीहत भी दी है कि डूसू अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष अपने ईमान को बचाकर रखें।

रॉकी ने बताया कि यह एनएसयूआई की ही नहीं बल्कि कांग्रेस और राहुल गांधी की भी जीत है। आने वाले चुनावों में डूसू की इस जीत का असर देखने को मिलेगा।

वहीं दो बार क्‍लीन स्‍वीप और चार बार की विजेता ABVP की हार पर रॉकी का कहना है कि इन परिणामों से साबित हुआ कि एबीवीपी और भाजपा की हवा हवा-हवाई साबित हुई है। उन्‍होंने कहा कि अभी लड़ाई बाकी है।

संयुक्‍त सचिव पद के लिए वे कोर्ट जाएंगे।  इस सीट पर महज 300 वोटों का अंतर है, जो नहीं हो सकता। यह सीट एबीवीपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष की नाक का सवाल है इसलिए इसमें घपला हुआ है। ऐसे में वे कोर्ट से मांग करेंगे कि दोबारा मतगणना कराई जाए।

तुषीद ने अपनी जीत के बारे में बताया कि पिछली बार मिली एक सीट के बाद एनएसयूआई ने कैंपस में छात्रों के बीच रहकर काम किया। रामजस का मुद्दा हो या अन्‍य कोई मामला, उन्‍होंने छात्रों के हित में आवाज उठाई।

रॉकी ने कहा एबीवीपी पिछले साल में डूसू बजट से 22 लाख की चाय पी गई। इसलिए इस बार हारी है। कैंपस में प्रोफेसर्स और छात्रों पर हिंसा फैलाने के कारण उनकी हार हुई है। छात्र विरोधी काम करने के कारण एबीवीवी दो प्रमुख पद हारी है।

डूसू अध्‍यक्ष का कहना है कि यह जीत बहुत मायने रखती है। न केवल एनएसयूआई के लिए बल्कि कांग्रेस के लिए भी।