दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले से AJL को लगा झटका, खाली करना होगा हेराल्ड हाउस

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले से AJL को लगा झटका, खाली करना होगा हेराल्ड हाउस

हेराल्ड हाउस मामले में एसोसिएट जनरल लिमिटेड (AJL) को झटका लगा है. उसे हेराल्ड हाउस खाली करना होगा. दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने यह फैसला दिया. कोर्ट ने 21 दिसंबर के सिंगल बेंच के फैसले पर मुहर लगाई. कोर्ट ने शहरी विकास मंत्रालय के 30 अक्टूबर 2018 के इमारत खाली करने के नोटिस को वैध बताया.

दिल्ली के हेराल्ड हाउस खाली करने के सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ एसोसिएट जनरल लिमिटेड (AJL) की अपील पर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने आज अपना फैसला सुनाया. बेंच को तय करना था कि हेराल्ड हाउस को खाली किया जाएगा या नहीं.

गत 18 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और नेशनल हेराल्ड अखबार के प्रकाशक एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी की दलील सुनने के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

एजेएल ने हेराल्ड हाउस खाली करने के पिछले साल 21 दिसंबर 2018 के सिंगल बेंच के फैसले को डिवीजन बेंच के सामने चुनौती दी थी. कई दिनों तक दोनों पक्षों को सुनने के बाद  कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया. एजेएल ने कोर्ट में अपने बचाव में कहा है कि हेराल्ड हाउस को खाली कराने का फैसला पूरी तरह से राजनीतिक है और केंद्र सरकार ने मनमानी से लीज को रद्द करने का फैसला लिया है. प्रेस का मतलब प्रिंटिंग प्रेस ही नहीं होता.

केंद्र सरकार ने कहा है कि हेराल्ड हाउस अखबार लाने के लिए दिया गया था जबकि उसमें 2008 में ही अखबार का प्रकाशन बंद कर दिया गया और वहां के स्टाफ को वॉलेंटरी रिटायरमेंट देकर निकाल दिया गया. ऐसे में जब वहां प्रकाशन का कोई काम ही नहीं हो रहा है तो सरकार के पास उस जगह के दुरुपयोग को रोकने के लिए लीज को रद्द करना अनिवार्य था. इस बिल्डिंग में पासपोर्ट ऑफिस भी चल रहा है जिसका किराया एजेएल को जाता है.