सोशल साइट्स पर सुर्खियों में छाया DSP का तोता, जानिए क्या है वजह

सोशल साइट्स पर सुर्खियों में छाया DSP का तोता, जानिए क्या है वजह

भोपाल। MP पुलिस के एक DSP और उनके मिट्ठू के प्यार के चर्चे मीडिया की सुर्खियों में हैं। हुआ यूं कि उनका तोता उड़कर कहीं चला गया, तो वे बेहद दु:खी हो गए। हालांकि जब तोता सकुशल मिल गया, तो उनकी पत्नी ने मंदिर की 108 परिक्रमा पूरी कीं। 11 सालों से उनकी फैमिली का हिस्सा है यह तोता। शैलेष लोढ़ा जैसे कवि भी उसके फैन हैं। DSP साहब खुद भी कवि..

-बैतूल के डीएसपी और देश के जाने-माने कवि मदन मोहन समर का तोता टुन्नू 5 जनवरी को अचानक कहीं उड़ गया।
- अपने प्यारे तोते के गुमशुदा होने के बाद सिर्फ DSP साहब ही नहीं, उनकी पूरी फैमिली सदमे में आ गई।
-DSP साहब ने टुन्नू के फोटो सोशल साइट्स पर शेयर करते हुए लोगों ने हेल्प मांगी।
-DSP साहब ने तोते का पता बताने वाले को 5100 रुपए का इनाम देने की घोषणा भी कर दी।
-जैसे ही टुन्नू की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, किसी से जानकारी दी कि टुन्नू बैतूल से करीब 10 किमी दूर रोढ़ा गांव में एक ऑटो चालक के पास पिंजरे में कैद है।
-सूचना के बाद शुक्रवार रात करीब 9 बजे वे खुद वहां पहुंचे और तोते को मुक्त कराया।
-हालांकि ऑटो चालक का कहना है कि टुन्नू को किसी फल वाले ने उसे दिया था। शनिवार को तोता मिलने की खुशी में फैमिली ने जश्न मनाया।

11 साल पहले घर लाए थे टुन्नू...
-मदन मोहन समर 11 साल पहले जब बैतूल जिले में ही बोरदेही थाने में पदस्थ थे, जब उन्हें टुन्नू मिला था।
-तब उन्होंने टुन्नू को जंगल में छोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह वापस उनके पास लौट आता।
-आखिरकार उन्हें और उनकी फैमिली को भी टुन्नू से मोह हो गया।
-मदन मोहन समर जहां भी पदस्थ रहते, वे टुन्नू को अपने साथ ले जाते।
-DSP साहब ने टुन्नू को कभी भी पिंजरे में कैद नहीं किया।
-कई बार टुन्नू उनके पीछे उड़ता हुआ SP आफिस तक पहुंच जाता है।

पत्नी ने मांग रखी थी मन्नत

DSP समर बताते हैं,'टुन्नू मेरे परिवार का खास हिस्सा है। उसे कभी पिंजरे में नहीं रखा। वो खाता-पीता और सोता सिर्फ मेरे साथ है। उसके खो जाने के बाद मेरी पत्नी सरिता ने बालाजीपुरम मंदिर में मन्नत मांगी थी। टुन्नू के मिलने पर वो शनिवार सुबह मंदिर में 108 परिक्रमा(11 किमी) पूरी करके आई। टुन्नू की खबर देने वाले अजय कुमार को हमने 5100 रुपए का इनाम दिया है।'

शैलेष लोढ़, कुमार विश्वास और सुरेंद्र शर्मा तक टुन्नू के फैन

DSP समर बताते हैं,' मैं जहां भी कवि सम्मेलन में जाता हूं, कविगण टुन्नू के बारे में जरूर पूछते हैं। शैलेष लोढ़ा, कुमार विश्वास, सुरेंद्र शर्मा, हरिओम पवार जैसे बड़े कवि भी टुन्नू का जिक्र किए बगैर नहीं रहते। सभी लोग हंसते हुए कहते हैं कि, टुन्नू को कवि सम्मेलन में लाया कीजिए। अगर किसी ने आपकी कविता कॉपी की, तो वो उसे काट लेगा।'