बुंदेलखंड में कर्ज से तंग फिर दो किसानों ने फांसी लगा ली

बुंदेलखंड में कर्ज से तंग फिर दो किसानों ने फांसी लगा ली

बुंदेलखंड में कर्ज से तंग दो और किसान की मौत हो गई है। लहचूरा थाना क्षेत्र के बरुआमाफ निवासी पंचूलाल कुशवाहा (30) ने बैंक और साहूकारों के कर्ज से तंग होकर 23 फरवरी को फांसी लगा ली थी। उसको परिजनों ने गंभीरावस्था में ग्वालियर ले जाकर एक अस्पताल में भर्ती करा दिया था, जहां उसकी उपचार के  दौरान दौरान मौत हो गई। उधर, ललितपुर जिले के डोंगरा खुर्द में भी एक किसान की सदमे से मौत हो गई।  प्रदेश सरकार द्वारा भले ही किसानों के कर्ज माफ कर दिए जाने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन हकीकत में अभी भी बैंकों का कर्ज किसानों का पीछा नहीं छोड़ रहा है, जिससे तंग किसानों की मौत का सिलसिला जारी है। गत दिवस यह मौत लहचूरा थाना क्षेत्र के बरुआमाफ निवासी एक एकड़ जमीन के काश्तकार पंचूलाल कुशवाहा (30) की हुई है।  मृतक किसान की पत्नी चंदकुंवर ने बताया कि उसके पति पर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का एक लाख रुपये का कर्ज था। पिछले कई सालों से कभी सूखा तो कभी बेमौसम बारिश से लगातार फसल में नुकसान उठाना पड़ा, जिससे बैंक का कर्ज अदा नहीं हो पाया। साथ ही साहूकारों का भी दो लाख से अधिक का कर्ज हो गया। 

बढ़ते कर्ज के बोझ से किसान पंचूलाल चिंतित रहने लगा। 23 फरवरी को दिन में उसने फांसी लगा ली, जिसको बच्चों ने देख लिया और परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊरानीपुर ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज झांसी और वहां से ग्वालियर रेफर कर दिया गया। ग्वालियर में उपचार से किसान की सेहत में सुधार नहीं हुआ और गत दिवस उसकी मौत हो गई।