केजरीवाल मानहानि मामला

केजरीवाल मानहानि मामला

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में निचली अदालत से रिकॉर्ड मंगाया।

न्यायमूर्ति आई एस मेहता ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती देने वाली आप के दो नेताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए केस रिकॉर्ड मंगाए जिसमें एक वकील की ओर से उनके खिलाफ दायर मानहानि शिकायत में उन्हें आरोपी के रूप में तलब किया गया था।

निचली अदालत ने पिछले महीने इन दोनों नेताओं तथा योगेंद्र यादव के खिलाफ सुनवाई शुरू की थी। ये अदालत इस मामले में गुरुवार को उनके खिलाफ मानहानि आरोप तय करने वाली है।

उच्च न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तारीख तय की है. अदालत ने ये भी कहा कि शिकायतकर्ता वकील के पास इस मामले में कोई सीधे सबूत नहीं हैं। उच्च न्यायालय ने कहा कि मजिस्ट्रेट को पहले खुद इस बात पर संतुष्ट होना चाहिए कि मानहानि का मामला बनता है या नहीं।

केजरीवाल और सिसौदिया की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने कहा कि उनके खिलाफ कोई सीधा सबूत नहीं है और शिकायतकर्ता का पूरा मामला आम आदमी पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति और कुछ समाचार लेखों पर आधारित है।

अदालत दो आप नेताओं के दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें अधिवक्ता की ओर से आपराधिक मानहानि शिकायत को खारिज़ करने का अनुरोध किया गया।