हिंदी दिवस

हिंदी दिवस

हिंदी दिवस के मौके पर जानिए उन शब्दों के बारे में जो विदेशी होते हुए भी हिंदी में रम गए और आज आम बोलचाल का हिस्सा हैं।

अरबी भाषा से कई शब्द ऐसे हैं, जो हिंदी में समय के साथ समाहित हो गए। इनमें इश्क़, ख़ैर, शराब, अक़ल, शायरी, ग़ज़ल जैसे न जाने कितने ही शब्द हैं।

चीन से भारत का संबंध काफी पुराना। चाय, लीची, कारतूस जैसे शब्द आप हिंदी समझकर बोल रहे हैं दरअसल ये चीनी भाषाओं से जुड़े हैं।

भारत के वेस्ट कोस्टल इलाके से पुर्तगाल का पुराना संबंध है। कई सालों तक पुर्तगाली भारत में रहे। इसके चलते दोनों संस्कृतियों का आपस में मेल-जोल बढ़ा। इसका असर भाषा में भी देखने को मिलता है।

अरबी और पर्शियन भाषा के साथ-साथ तुर्की भाषा के भी कई शब्द धड़ल्ले से हिंदी भाषी इस्तेमाल करते हैं। दुकान, बादाम, बाज़ार जैसे शब्द इसका उदाहरण हैं।

फ़ारसी एक भाषा है जो ईरान, ताजिकिस्तान, अफ़गानिस्तान और उज़बेकिस्तान में बोली जाती है। यह ईरान, अफ़ग़ानिस्तान, ताजिकिस्तान की राजभाषा है। भारत से नज़दीक होने के कारण इसके शब्द आसानी से हिंदी में घुलमिल गए।