हरिवंश के बहाने NDA में बढ़ा नीतीश का कद

हरिवंश के बहाने NDA में बढ़ा नीतीश का कद

हरिवंश के बहाने एनडीए में जदयू का डंका बज गया है। हरिवंश की पात्रता पर शायद ही कहीं से कोई टिप्पणी हो पर राज्यसभा के उपसभापति का पद जदयू को दिया जाना 2019 की रणनीति का भी एक बड़ा हिस्सा माना जा रहा है। यह साफ है कि बात तो नीतीश कुमार के मन की हुई पर बिहार के साथ-साथ यूपी और झारखंड को भी साधा गया है।

आश्वस्त थे नीतीश 

बिहार में जदयू और भाजपा की सरकार बनने के बाद जब केंद्र में मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा था तो उस समय इस बात की खूब चर्चा हुई थी कि जदयू के एक राज्यसभा सांसद को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी। पर आखिर समय में जदयू को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। इस बात को लेकर कड़वाहट की चर्चा भी थी। वैसे जदयू की ओर से आधिकारिक तौर पर यह कहा गया था कि मंत्रिमंडल में जदयू के शामिल होने को लेकर किसी तरह की कोई बात ही नहीं थी।

मंत्रिमंडल विस्तार के काफी वक्त बीत गए हैैं। अचानक यह चर्चा तेज हुई कि राज्यसभा में उपसभापति का पद जदयू को मिल रहा है। कहकशां परवीन का नाम भी आया पर पिछले सोमवार को हरिवंश का नाम काफी तेजी से सामने आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हरिवंश के नाम आने के कुछ ही घंटे बाद इस बात की खुद पुष्टि कर दी थी कि हरिवंश के नाम पर सहमति हो गई है। इसका असर जदयू और भाजपा के रिश्ते पर खास तौर पर दिखेगा। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा था कि नीतीश कुमार ने अपने संबंधों के आधार पर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से हरिवंश के लिए समर्थन मांगा।