नोटबंदी पर सुनवाई करेगी सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच

नोटबंदी पर सुनवाई करेगी सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया कि नोटबंदी से होने वाली परेशानी 14 दिन और रहेगी. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि जब देश के लोगों को 2 हज़ार नहीं मिल पा रहे तो कुछ लोगों के पास करोड़ों कहां से आ रहे हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा किसको कितना पैसा देना है क्या इसको लेकर कोई पॉलिसी है, अगर आप नई करेंसी नहीं दे पा रहे तो कम से कम महत्वपूर्ण जगहों पर चलने दे सकते हैं. हॉस्पिटल और रेलवे में आखिर पुराने नोट क्यों नहीं चल सकते?

सुप्रीम कोर्ट के एक के बाद एक उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए केंद्र के वकील एटोर्नी जनरल ने कहा, ”बस 14 दिनों की बात है उसके बाद हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे. 70 साल की समस्या है उसको खत्म करने में 70 दिन का तो वक़्त लगेगा ही.”

सरकार की ओर से कहा गया, ”हम देख रहे हैं कि ये कैसे कॉपरेटिव बैंक सीधे आएबीआई में पैसे जमा करें. हम इसको लेकर जल्द नोटिफिकेशन जारी करेंगे. हमको शक है कि इसमें काला धन आया था इस वजह से ट्रांज़ैक्शन रोकने का फैसला लिया गया था.”

सुनवाई के दौरान एक वकील ने नोटबंदी के दौरान 96 लोगों की मौत का मुद्दा भी सुप्रीम कोर्ट में उठाया. तो एक वकील ने डिजिटल ट्रांज़ैक्शन की सुरक्षा का मुद्दा कोर्ट में सामने रखा जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि सभी पक्षों की दलील सुन ली हैं और सबको ध्यान में रखते हुए कोर्ट अपना अंतरिम आदेश जारी करेगी.

नोटबंदी के बाद करेंसी की सप्लाई पर सरकार ने कहा कि 5 लाख करोड़ की करेंसी दोबारा बाज़ार में उतार दी है. 2.5 लाख करोड़ की करेंसी पहले से बाज़ार में है. 17.5 लाख करोड़ में कुल 7.5 लाख करोड़ बाज़ार में हैं.

नोटबंदी पर इससे पहले सुनवाई में सरकार की ओर से कहा गया था कि केंद्र सरकार इस मामले पर पूरी तरह निगरानी रख रही है. नोटबंदी को लेकर हालात किसी तरह बिगड़े नहीं हैं. यहां तक कि कोई दूधवाला या किसान इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट नहीं आया है. ये सब मामला राजनीति से प्रेरित है.