दिल्ली में संसद के शीतकालीन सत्र को बुलाने में हो रही देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार के घेरने की तैयारी

दिल्ली में संसद के शीतकालीन सत्र को बुलाने में हो रही देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार के घेरने की तैयारी

 गुजरात में चुनाव अभियान जोर-शोर से जारी है, लेकिन इस बीच दिल्ली में संसद के शीतकालीन सत्र को बुलाने में हो रही देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार के घेरने की तैयारी शुरू कर दी है. संसद का शीतकालीन सत्र कब से होगा? विपक्ष ये सवाल पूछ रहा है. आम तौर पर अब तक इसकी तारीख तय हो जाती है, मगर इस बार अभी तक इसकी कवायद शुरू तक नहीं हुई है. सोमवार को जेडीयू के बागी नेता शरद यादव से इस मसले पर सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरीने मुलाकात भी की. बैठक में विपक्ष की साझा रणनीति और सरकार पर दबाव बढ़ाने के मौजूदा विकल्पों पर चर्चा हुई. शरद यादव ने एनडीटीवी से कहा, 'ऐसा अब तक नहीं हुआ कि संसद का शीतकालीन सत्र इतनी देर तक नहीं बुलाया गया हो. येचुरी सोमवार को मुझसे मिलने आए थे...सरकार गुजरात चुनाव की वजह से संसद में विपक्ष के सवालों से बचना चाहती है.'

सूत्रों के मुताबिक विपक्ष इसको लेकर राष्ट्रपति के पास जाने पर भी विचार कर रहा है. एक सोच साझा धरने से सरकार पर दबाव बनाने की भी है. दरअसल विपक्ष नोटबंदी और जीएसटी से पैदा असंतोष को संसद में भुनाना चाहता है. कांग्रेस भी इस मामले में बाकी विपक्ष के साथ है. कांग्रेस का आरोप है कि गुजरात में चुनाव अभियान जारी है और सरकार इस दौरान संसद में विपक्षी दलों के सवालों का जवाब नहीं देना चाहती. यही वजह है कि सरकार ने अब तक शीतकालीन सत्र नहीं बुलाने का फैसला किया है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'हम मांग करते हैं कि सरकार तत्काल शीतकालीन सत्र बुलाए...अब तक सत्र नहीं बुलाने का फैसला सरकार की बेचैनी और घबराहट को ही दर्शाता है.'