उत्‍तरकाशी में भारी बारिश के कारण सड़क बही, कांवड़ियों का जथा फँसा

उत्‍तरकाशी में भारी बारिश के कारण सड़क बही, कांवड़ियों का जथा फँसा

उत्तरकाशी जिले में बारिश आफत बनती जा रही है। शनिवार को गंगोत्री की ओर हर्षिल के पास बरसाती नदी के उफान से करीब 30 मीटर सड़क बह गई, जिससे गंगोत्री हाईवे पर यातायात ठप हो गया।रविवार दोपहर को 31 घंटे बाद सीमा सड़क संगठन की टीम ने बरसाती नदी में ह्यूमपाइप डालकर सड़क को तैयार किया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात सुचारु हो सका। इससे पहले अस्थायी पुल के सहारे एसडीआरएफ ने कांवड़ियों को नदी पार कराई। वहीं, यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट के पास पिछले नौ दिन से बंद पड़ा हुआ है। स्याना चट्टी से जानकी चट्टी क्षेत्र में पड़ने वाले 12 गांवों में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है।

शनिवार सुबह बारिश के कारण हर्षिल के निकट तिल नदी में उफान आया। उफान के कारण गंगोत्री हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा बह गया, जिससे हाईवे पर यातायात ठप हो गया था। गंगोत्री की ओर करीब कांवड़ियों के 100 से अधिक वाहन फंस गए थे। साथ ही पांच सौ से अधिक कांवड़िये फंस गए थे। इन कांवड़ियों को निकलने के लिए एसडीआरएफ व पुलिस ने वैकल्पिक पुल बनाया, जिससे शनिवार की शाम को फंसे हुए कांवड़ियों को निकाला गया।

रविवार की दोपहर को बीआरओ नदी के प्रवाह को ह्यूम पाइप के अंदर डाइबर्ट किया तथा ह्यूम पाइप के ऊपर से सड़क तैयार की, जिसके बाद वाहनों का संचालन शुरू हो सका। वहीं यमुनोत्री हाईवे रविवार को नौवें दिन भी डाबरकोट में भूस्खलन के कारण यातायात बंद रहा। लगातार मार्ग बंद रहने से स्याना चट्टी से जानकी चट्टी के बीच पड़ने वाले नौ गांवों में खाद्यान्न, गैस, डीजल पेट्रोल सहित जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो गई है।

बारिश से हुआ नुकसान जनपद में बारिश से जगह-जगह नुकसान हुआ है। धरासू सिल्क्यारा में ऑलवेदर रोड निर्माण के मलबे के कारण गौनाग मोटर मार्ग बंद हो गया तथा ग्रामीणों के खेतों में भी मलबा घुस गया। वहीं आराकोट के डगोली गांव में देवीराम, चिरादत्त व लीलानंद नौटियाल के भवन के पास भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे भवनों को खतरा पैदा हो गया है। ये परिवार दूसरे घरों में शिफ्ट किए गए हैं।