भारतीय हॉकी टीम के पूर्व फॉरवर्ड संदीप का 33 की उम्र में निधन, दिमागी समस्या से जूझ रहे थे

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व फॉरवर्ड संदीप का 33 की उम्र में निधन, दिमागी समस्या से जूझ रहे थे

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व फॉरवर्ड खिलाड़ी संदीप माइकल का शुक्रवार को अनजान न्यूरोलॉजिकल बीमारी के कारण निधन हो गया। 33 वर्षीय संदीप को 18 नवंबर को एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वह कोमा में गए और फिर उससे उबर नहीं पाए।

 

कर्नाटक राज्य हॉकी एसोसिएशन सचिव के कृष्ण मूर्ति ने पीटीआई से कहा, 'संदीप का आज दोपहर को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह दिमागी समस्या से जूझ रहे थे और 18 नवंबर को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह कोमा में चले गए और फिर होश में नहीं लौटे। माइकल का अंतिम संस्कार शनिवार को सिंगापुर गिरिजाघर के कब्रिस्तान में होगा।'

माइकल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2003 जूनियर एशिया कप में भारत को खिताब दिलाना है। उन्हें टूर्नामेंट के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी के खिताब से भी नवाजा गया था। उन्होंने पाकिस्तान और कोरिया के खिलाफ कड़े मुकाबलों में गोल किए थे। मूर्ति ने कहा, 'संदीप में किसी भी जगह और एंगल से गोल करने की क्षमता थी। उनकी यह शैली उन्हें कोच का चहेता बना देती थी और फैंस भी उन्हें बहुत प्यार करते थे।'

मूर्ति ने आगे बताया कि संदीप के पिता जॉन माइकल राज्य स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी जबकि मां एलामेलु ट्रैक एंड फील्ड की एथलीट और खो-खो खिलाड़ी रह चुकी हैं। माइकल के छोटे भाई विनीत भी हॉकी खेल चुके हैं व 2002 सब-जूनियर नेशनल्स में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 

माइकल को 2003 में ऑस्ट्रेलिया में सीनियर स्तर के टूर्नामेंट से लोकप्रियता मिली। मूर्ति ने कहा, 'इस टूर्नामेंट में संदीप को धनराज पिल्लै की जगह बतौर स्थानापन्न खिलाड़ी मैदान में उतारा गया था। तब उन्होंने दो गोल करके काफी प्रभावित किया था। कोच राजिंदर सिंह ने पिल्लै को इसलिए आराम दिया ताकि संदीप को अंतरराष्ट्रीय खेल का अनुभव हासिल हो।'

बकौल मूर्ति, 'मुझे अभी भी याद है कि पिल्लै ने संदीप के शानदार गोल की तारीफ की और कहा यह खूबसूरत गोल था और इसे बहुत ही अच्छे ढंग से किया गया। संदीप ने 2001 में मलयेशिया के इपोह में अंडर-18 एशिया कप में देश के लिए डेब्यू किया। तब उन्होंने जुगराज सिंह के नेतृत्व में डेब्यू किया था। वह भारतीय विकसित टीमों का भी हिस्सा रहे, जिसने 2002 और 2003 में अखबर-एल-योम कप प्रतियोगिता में क्रमश: गोल्ड व ब्रॉन्ज मेडल जीते।'