दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी लेने वाला CEO बना ये भारतीय, मिलेंगे 857 करोड़ रुपए

दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी लेने वाला CEO बना ये भारतीय, मिलेंगे 857 करोड़ रुपए

टेक्नोलॉजी की दुनिया में निकेश अरोड़ा का नाम कौन नहीं जानता. गूगल, सॉफ्टबैंक जैसी दिग्गज कंपनियों में काम करने वाले निकेश अकेले ऐसे भारतीय हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी लेने वाले सीईओ बन गए हैं. फिलहाल निकेश अरोड़ा पालो अल्टो नेटवर्क के नए सीईओ बनाए गए हैं. उनकी सालाना सैलरी 12.8 करोड़ डॉलर यानी कुल 857 करोड़ रुपए है. निकेश को सैलरी के रूप में 6.7 करोड़ रुपए मिलेंगे. साथ ही इता नहीं उन्हें सालाना बोनस मिलेगा. इसके अलावा, कंपनी में 268 करोड़ रुपए के शेयर मिलेंगे. हालांकि, यह शेयर वह सात साल तक नहीं बेच पाएंगे. आपको बता दें, पालो अल्टो साइबर सिक्योरिटी कंपनी है, जिसका मुख्लालय कैलिफोर्निया में स्थित है. निकेश अरोड़ा लंबे समय से टक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े हैं. 

शेयरों की कीमत भी बढ़ेगी
बीबीसी के मुताबिक, पालो अल्टो नेटवर्क से जुड़ने के बाद निकेश अरोड़ा पर पैसों की बरसात हो रही है. सालाना सैलरी के अलावा निकेश को जो शेयर मिलेंगे, अगर उनकी कीमत 1 साल में 300 फीसदी बढ़ती है तो शेयरों की कीमत 442 करोड़ रुपए हो जाएगी. इसके अलावा, निकेश अपने पैसे से भी पालो अल्टो में 134 करोड़ रुपए के शेयर खरीद सकते हैं. हालांकि, यह शेयर वह सात साल तक नहीं बेच पाएंगे. फिलहाल कंपनी के शेयरों में गिरावट चल रही है, लेकिन उम्मीद जताई गई है कि कंपनी को सालाना आधार पर जबरदस्त मुनाफा हो सकता है. कंपनी के मुनाफे की बात करें तो पिछली तिमाही में कुल 29.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. 

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निकेश के लिए कड़ी होगी चुनौती
निकेश अरोड़ा ने 2011 से इस कुर्सी पर बने मार्क मिकलॉकलीन की जगह ली है. हालांकि, मार्क कंपनी के बोर्ड में वाइस चेयरमैन बने रहेंगे. निकेश अरोड़ा बोर्ड के चेयरमैन भी होंगे. कई लोगों के लिए यह फैसला हैरान करने वाला है. क्योंकि, निकेश अरोड़ा के पास साइबर सिक्योरिटी का अनुभव नहीं है और यह निकेश की सबसे बड़ी चुनौती होगी कि वह कैसे कंपनी को आगे ले जाते हैं. हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि निकेश के पास क्लाउड और डेटा डीलिंग का अनुभव है, जो उन्हें साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में मदद करेगा.

टिम कुक से आगे निकले निकेश
निकेश के पहले एप्पल के सीईओ टिम कुक टेक्नोलॉजी की दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी लेने वाले सीईओ थे. उनका सालाना पैकेज 119 मिलियन डॉलर का है. 2014 में जब निकेश ने गूगल को छोड़ा था तब 50 मिलियन डॉलर की सालाना सैलरी पर काम कर रहे थे. इसके बाद निकेश ने सॉफ्ट बैंक ज्वाइन किया था और यहां उन्होंने 483 मिलियन डॉलर के शेयर खरीदे थे. निकेश यहां जून 2016 तक रहे थे.

कभी 3 हजार डॉलर लेकर निकले थे
अंग्रेजी अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए एक इंटरव्यू में निकेश अरोड़ा ने अपने सफर की चर्चा की थी. उन्होंने बताया था कि पहले उन्हें कई कंपनियों ने नौकरी देने से इनकार कर दिया था. अमेरिका जाते वक्त उनके पास सिर्फ तीन हजार डॉलर थे. जैसे-तैसे उससे गुजारा होता था. निकेश के करियर में उस वक्त अहम मोड़ आया जब गूगल में उन्हें नौकरी ऑफर हुई. निकेश ने 2004 से 2007 तक गूगल में बतौर यूरोप ऑपरेशन के प्रमुख काम किया. 2011 में वो गूगल में चीफ बिजनेस ऑफिसर बन गए और इसके साथ ही वो उस श्रेणी में आ गए, जिन्हें गूगल सबसे ऊंची पगार देती है. 

सॉफ्ट बैंक के बोर्ड में शामिल हुए
2014 में निकेश अरोड़ा सॉफ्ट बैंक के साथ जुड़े. सॉफ्ट बैंक में उन्हें ग्लोबल इंटरनेट इन्वेस्टमेंट प्रमुख की जिम्मेदारी मिली. निकेश को भारत और इंडोनेशिया में इंटरनेशनल इंटरनेट में निवेश का श्रेय दिया जाता है. उनके बढ़ते कद का ही यह प्रमाण है कि उन्हें सॉफ्ट बैंक के बोर्ड में शामिल कर लिया गया.

कौन हैं निकेश अरोड़ा
50 साल के निकेश अरोड़ा का जन्म 6 फरवरी 1968 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुआ था. निकेश के पिता इंडियन एयरफोर्स में ऑफिसर थे. निकेश की स्कूलिंग दिल्ली में एयरफोर्स स्कूल से की थी. इसके बाद उन्होंने ग्रेजुएशन बीएचयू आईटी से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में 1989 में किया था. ग्रेजुएशन के ठीक बाद विप्रो में नौकरी शुरू की, लेकिन जल्द ही छोड़ दी. नौकरी छोड़ने के बाद निकेश आगे की पढ़ाई करने अमेरिका चले गए. निकेश ने बोस्टन की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए किया.