भारत ग्राम पंचायतें 2019 बन जाएंगी डिजिटल विल्लेज

भारत ग्राम पंचायतें 2019 बन जाएंगी डिजिटल विल्लेज

मोदी सर्कार ने अपने डिजिटल इंडिया संकल्प की और एक और कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने भारतनेट प्रोजेक्ट (पुराने नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क) के संशोधित क्रियान्वयन योजना पर मोहर लगा दी है। 
इस योजना के ज़रिये मार्च 2019 तक देश की सभी ग्राम पंचायतों को ब्रॉड बैंड से जोड़ने का कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार मार्च 2019 तक सभी ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने के लिए 'भारतनेट' प्रोजेक्ट पर 42,068 करोड़ खर्च करेगी। इससे पहले इस प्रोजेक्ट के लिए 13,000 करोड़ का बजट था। प्रोजेक्ट 3 चरणों में लागू होगा।


इस प्रोजेक्ट पर यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड का पैसा लगेगा। पहले फेज में 100,000 ग्राम पंचायतों को ब्रॉड बैंड से जोड़ने में 11,148 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बाद दूसरे फेज में 150,000 ग्राम पंचायतों को जोड़ने में 18,729 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बाकी का पैसा पहले इस्तेमाल किए गए ख़राब गुणवत्ता वाले फाइबर को सही करने में खर्च किया जाएगा।


और इस प्रोजेक्ट के साथ साथ सर्कार का उद्देश्य नागरिकों को हेल्थकेयर, शिक्षा, बैंकिंग और स्वास्थ्य में ई-गवर्नेंस सेवाएं उपलब्ध कराकर पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, सर्कार के अनुसार इन कदमो से भ्रष्टाचार को कम करने और विकास हासिल करने में मदद मिलेगी।