ये गैजेट्स बनाएंगे जिंदगी आसान: ग्लव्स में लगी डिवाइस स्कैन कर लेती है बारकोड, पीठ और कमर दर्द से निजात दिलाएगा स्मार्ट बेल्ट

ये गैजेट्स बनाएंगे जिंदगी आसान: ग्लव्स में लगी डिवाइस स्कैन कर लेती है बारकोड, पीठ और कमर दर्द से निजात दिलाएगा स्मार्ट बेल्ट

लंदन. टेक्नीक में रोजाना होने वाले बदलावों ने हमारी जिंदगी को और आसान और सुरक्षित बनाने का काम किया है। कम समय में बेहतर काम इसकी खासियत बन गई है। कंपनियों ने स्मार्ट ग्लव्ज, स्मार्ट बेल्ट, गूगल ग्लास जैसे कई गैजेट्स लॉन्च किए हैं। यहां हम बता रहे हैं ऐसे ही चार गैजेट्स के बारे में जो आपके काम करने का तरीका बदल देगा...


 स्मार्ट ग्लव्स: हाथ से छूते ही स्कैन कर लेगा सामान
- स्मार्ट ग्लव्स में लगा स्कैनर इस्तेमाल में लाए जाने वाले स्कैनर से अलग है। आपके सामान छूते ही यह बारकोड को स्कैन कर लेता है। 
- इससे सामान के टूटने-फूटने की संभावना कम रहती है और वजनी सामान से किसी दुर्घटना की संभावना भी खत्म हो जाती है। 
- फिलहाल जर्मनी में स्थित बीएमडब्ल्यू के प्लांट में 17500 इम्प्लॉइज इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे कंपनी में रोजाना कर्मचारियों के काम के 66 घंटे की बचत हो रही है।
- यह पूरी तरह बैट्री पर काम करेगा। नवंबर 2016 से बाजार में मिल रहा है। इसकी कीमत करीब 91,000 रुपए है।

 स्मार्ट बेल्ट: पॉश्चर का केयरटेकर
- इस बेल्ट में लगा सेंसर बॉडी के पॉश्चर को स्कैन कर सामान का वजन उठाने लायक है या नहीं, यह बताता है। 
- एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में 2016 में कर्मचारियों ने कमर और पीठ दर्द का कारण बताकर जितनी छुटि्टयां लीं इससे बिजनेस वर्ल्ड को करीब 4.76 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

 गूगल ग्लास: नया इलेक्ट्रिशियन
- बोइंग के इंजीनियर्स ने प्लेन बनाने के दौरान बारीक वायर जोड़ने के लिए गूगल ग्लास का इस्तेमाल किया। 
- इसमें एपीएक्स स्काइलाइट्स तकनीक हाथों से होने वाली गड़बड़ियों को रोकने में मदद करती है। 
- इससे तार जोड़ने में लगने वाले समय में 25 प्रतिशत की कमी आई। काम की क्वालिटी में भी काफी सुधार हुआ।

 गोल गुरु ऐप: ऑफिस स्ट्रेस कम करता है
- यह एक डिजिटल कोच के तौर पर काम करता है। यह कई फिटनेस ट्रैकर्स और मोबाइल हेल्थ ऐप्स को एक जगह लाकर यूजर्स को फिटनेस संबंधी जानकारी मुहैया कराता है।