FB ने सरकार को भेजा जवाब, बताया डेटा सेफ्टी के लिए क्या बदलाव किये

FB ने सरकार को भेजा जवाब, बताया डेटा सेफ्टी के लिए क्या बदलाव किये

फेसबुक ने डेटा लीक मामले में भारत सरकार के नए नोटिस पर अपना जवाब दे दिया है. अपने जवाब में फेसबुक ने उन बदलावों के बारे में जानकारी दी है जो यूज़र्स के डेटा को सुरक्षित रखने में मददगार साबित होंगे. फेसबुक के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी भारत सरकार की आभारी है कि उन्होंने फेसबुक को अपनी बात रखने का अवसर दिया.

ईमेल से भेजे जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि हम लोगों की सूचनाओं की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं. साथ ही हम भारत में चुनावों में ईमानदारी सुनिश्चित करने को भी प्रतिबद्ध हैं. प्रवक्ता ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हमने ज़रूरी सवालों का जवाब दे दिया है.

हमने यूज़र्स के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए बदलाव किए हैं. साथ ही हम चुनावों में किसी तरह की गड़बड़ी से बचाव को भी तैयार हैं. हमने फेस अकाउंट्स, विज्ञापन में पारदर्शिता बढ़ाने और फेक न्यूज़ की चिंता को भी दूर करने का प्रयास किया है. हालांकि, ब्रिटेन की कैंब्रिज एनालिटिका ने अभी तक सरकार के दूसरे नोटिस का औपचारिक रूप से जवाब नहीं दिया है.
 

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों का जवाब मिलने के बाद ही इस बारे में कोई फैसला किया जाएगा.



सरकार ने मार्च के आखिर में फेसबुक को नोटिस भेजकर पूछा था कि क्या भारतीय मतदाताओं और यूज़र्स के डेटा का कैंब्रिज एनालिटिका या किसी और यूनिट ने इस्तेमाल किया. इसी तरह का नोटिस कैंब्रिज एनालिटिका को भी भेजा गया था.

दोनों कंपनियों के पिछले जवाबों से संतुष्ट ना होने की वजह से सरकार ने पिछले महीने उन्हें नया नोटिस भेजा था. दोनों कंपनियों से अतिरिक्त सवालों पर 10 मई तक जवाब देने को कहा गया था.  इससे पहले इसी महीने कैंब्रिज एनालिटिका ने अपनी वेबसाइट पर बयान में परिचालन बंद करने की घोषणा की थी.

क्या है फेसबुक विवाद?
फेसबुक का पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब डेटा एनालिसिस फर्म कैंब्रिज एनालिटिका ने ये स्वीकार किया कि उसने 8 करोड़ यूजर्स की अनुमति के बगैर उनके डाटा का इस्तेमाल किया. कैंब्रिज एनालिटिका 500 अरब डॉलर की कंपनी है. कैंब्रिज एनालिटिका ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन में भी हिस्सा लिया था. इसके बाद फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म से कैंब्रिज एनालिटिका को हटा दिया. इन दिनों दुनिया भर में फेसबुक के खिलाफ अभियान चलाए जा रहे हैं.