बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी बन रही है प्रदुषण का शिकार

बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी बन रही है प्रदुषण का शिकार

महात्मा गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी (नेपाल) को कारखानों से होने वाले प्रदूषण के कारण लगातार नुकसान पहुंच रहा है। लुम्बिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी सुरेंद्र मुनि शाक्य ने नेपाल सरकार से इस स्थान को बचाने की अपील की है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र मुनि शाक्य कहते हैं, 'हाल के सालों में सीमेंट और स्टील की फ़ैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषक ने बुद्ध की जन्मभूमि को बहुत नुकसान पहुंचाया है.'

लुंबिनी से जुड़ने वाले नज़दीकी शहर भैरावा की मुख्य सड़कों पर लगे पेड़-पौधे सालों भर धूल से ढके देखे जा सकते हैं.

सुरेंद्र मुनि शाक्य कहते हैं, 'लुंबिनी को प्रदूषण के ख़तरे से बचाने के लिए कारखानों को कहीं और स्थापित करना चाहिए. सरकार को ख़ुद इसमें पहलक़दमी करनी होगी.'

गौरतलब है कि यूनेस्को ने लुम्बिनी को विश्व धरोहर का दर्जा दिया हुआ है।

शोधकर्ताओं के नतीजों से पता चलता है कि लुंबिनी का विश्व धरोहर क्षेत्र बढ़ते प्रदूषण के कारण ख़तरे में है. सर्दी के दिनों में यहां प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है.

इस साल की शुरुआत में वायु प्रदूषण पर नज़र रखन वाले स्टेशनों ने कहा था कि लुंबिनी में प्रूदषण का स्तर राजधानी काठमांडू से भी अधिक हो चुका था.

आईयूसीएन और यूनेस्को के एक अध्ययन में कहा गया है कि लुंबिनी के विश्व धरोहर स्थल पर प्रदूषण से ख़तरा मंडरा रहा है.