चीन की नई चाल, ऋण देने की नीति पर कर रहा काम

चीन की नई चाल, ऋण देने की नीति पर कर रहा काम

एक शीर्ष अमेरिकी खुफिया अधिकारी ने दावा किया है कि चीन एकाधिकार स्थापित करने के साथ वैश्विक शक्ति बनने के लिए पूरे विश्व के देशों को ऋण देने की नीति पर काम कर रहा है। अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया विभाग के निदेशक डेनियल आर कोट्स एक बैठक के दौरान अमेरिकी सीनेट आर्म्ड सर्विसेस कमेटी के सदस्यों को बताया कि अपना प्रभुत्व बढ़ाने के लिए चीन कई तरह की तकनीकों पर कार्य कर रहा है जिसमें सैन्य अड्डों पर कब्जा करना भी शामिल है। 

कोट्स ने बताया 'चीन अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है, लेकिन इसके खर्च में वृद्धि हो रही है। अधिकांश लोगों का मानना है कि चीन का उद्देश्य आक्रामक होने की बजाय प्रतिरक्षा करना है। चीन की नीति साफ दिख रही है वह दुनिया भर के देशों को उधार या ऋण देने की रणनीति पर कार्य कर रहा है, विशेषकर उन जगहों पर जो उसकी सैन्य और अन्य रणनीति के तहत मुफीद बैठते हैं। इनमें से कुछ सैन्य क्षमता से लैस हैं। दक्षिण चीन सागर - जिबूती में उनका नया बेस इसका उदाहरण है।'

कोट्स ने आगे बताया, 'हमने देखा है कि चीन विश्व स्तर पर व्यापक प्रभाव के साथ एक वैश्विक शक्ति की तलाश कर रहा है और इसके लिए वह बहुत सारी तकनीकों का उपयोग कर रहा है। इनमें विशेष सैन्य स्थलों को हड़पना भी शामिल है। इससे पहले रूस भी यही करता था।' कोट्स सीनेटर अंगुस किंग द्वारा पूछे गए उस सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उनसे पूछा गया था, 'आपकी रिपोर्ट के अनुसार कि चीन आखिर चाहता क्या है। 'क्या चीन इस क्षेत्र में अपना राजनैतिक और आर्थिक प्रभुत्व बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।'