भारत-अमेरिका ने मिलकर कई आतंकी साजिशें नाकाम की हैं: ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन

भारत-अमेरिका ने मिलकर कई आतंकी साजिशें नाकाम की हैं: ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन

वॉशिंगटन. बराक ओबामा के 8 साल के शासन में भारत-अमेरिका की साझेदारी से कई आतंकी साजिशें नाकाम करने में कामयाबी मिली है। यह अमेरिकी नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल में साउथ एशियन अफेयर्स के सीनियर डायरेक्टर पीटर लेवॉय ने कही। यह डेवलपमेंट जारी रह सकता है....

- लेवॉय ने कहा, 'ओबामा के 8 साल तक अमेरिका के प्रेसिडेंट रहते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत-अमेरिका की साझेदारी 'जबर्दस्त कामयाब' रही।'

- 'मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि हमारी साझेदारी से कई आतंकी साजिशें नाकाम की गईं। इस साझेदारी से भारतीयों और अमेरिकियों की जिंदगियां बचाई जा सकीं।'
- 'यह बेहद अहम डेवलपमेंट है और मैं सोचता हूं कि आगे जारी रह सकता है।'

आतंकवाद में भेदभाव न करे पाकिस्तान
- लेवॉय ने कहा, 'जब जानते हैं कि पाकिस्तान में कई आतंकी गुट हैं। पाकिस्तान सरकार और वहां की सिक्युरिटी फोर्सेज इनसे मुकाबला कर रही हैं।' 
- 'लेकिन पाकिस्तान को साफ कह दिया गया है कि वह प्रायोरिटी तय करे। जो आतंकी पाकिस्तान को निशाना बना रहे हैं उनका सफाया पहले करे। दूसरे नंबर पर वे आतंकी गुट हों, जो पड़ोसियों को निशाना बना रहे हैं।'
- 'हम पाकिस्तान को साफतौर पर कह रहे हैं कि वह आतंकवाद में भेदभाव न करे। सभी आतंकी गुटों को अपना दुश्मन समझे और उनसे जमकर लड़े।'

अलकायदा, आईएस को लेकर चिंता
- लेवॉय ने कहा, 'लगातार कोशिशों से पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर अलकायदा की एक्टिविटीज काफी हद तक रोकी गई हैं। इसके बाद भी अमेरिका को इस आतंकी गुट को लेकर चिंता है।'

- 'हम ISIL (आईएसआईएस) को लेकर भी चिंता में हैं। दोनों गुटों से खतरों पर प्रेसिडेंट बराक ओबामा स्टेट आॅफ द यूनियन और दूसरी जगहों पर भी चर्चा कर चुके हैं।'
- 'हम उनका मुकाबला करने के लिए लगातार कदम उठाते रहेंगे।'
- लेवॉय ने कहा, 'जब आतंकवाद हर दूसरे देश में फैल रहा है, खासकर पड़ोस में तो यह हम सभी के लिए खतरा है। कोई देश सुरक्षित नहीं है। '

भारत का NSG में शामिल होना ग्रुप के लिए रहेगा फायदेमंद
- भारत को चीन के अड़ंगे की वजह से एनएसजी (न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप) की मेंबरशिप नहीं मिल सकी। इस सवाल पर लेवॉय ने कहा, 'मेरा मानना है कि किसी देश का नॉन प्रोलिफिरेशन ट्रीटी (एनपीटी) में शामिल हुए बगैर किसी देश का एनएसजी में शामिल होना बहुत, बहुत बड़ी डील है।'

- 'प्रेसिडेंट बराक ओबामा साफ कर चुके हैं कि भारत अब (एनएसजी में) मेंबरशिप के लिए तैयार है। हमारा मानना है कि भारत का एनएसजी में पूरी तरह रेग्युलर मेंबर की तरह शामिल होना बेहद अहम और ग्रुप के लिए फायदेमंद होगा।'