लंदन: विजय माल्या को मिली 4 दिसंबर तक जमानत, अगली सुनवाई 6 जुलाई को

लंदन: विजय माल्या को मिली 4 दिसंबर तक जमानत, अगली सुनवाई 6 जुलाई को

भारत के शराब कारोबारी और बैंक डिफॉल्टर विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर मंगलवार को ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई हुई. माल्या पर अब अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी, जिसमें उन्हें पेश होना होगा. माल्या को कोर्ट से 4 दिसंबर तक जमानत मिल गई है. सुनवाई से पहले कोर्ट के बाहर माल्या ने पत्रकारों से कहा कि मुझे कुछ नहीं कहना है, मैं सारे आरोप खारिज करता हूं. मैं किसी कोर्ट से भागा नहीं हूं. मेरे पास कोर्ट में मामले को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं.

माल्या के वकील ने कहा कि भारत ने पर्याप्त सबूत नहीं दिए हैं. हमें अधिक साक्ष्य और दस्तावेजों की आवश्यकता है. वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि भारत हमारे साथ बहुत निकटता से काम कर रहा है और हम सभी दस्तावेजों और सबूत उपलब्ध कराएंगे, जिन्हें मांगा जा रहा.

इस सवाल के जवाब में कि वह बीते 15 महीनों से ब्रिटेन में हैं और भारत की अदालतों से भाग रहे हैं, उन्होंने कहा, 'मैं किसी अदालत से नहीं भागा हूं. यहां होना मेरा कानूनी कर्तव्य है और मैं यहां (लंदन की अदालत) हूं.' यह पूछे जाने पर कि अदालत में क्या होगा, उन्होंने कहा, 'मेरी कोई अपेक्षा नहीं है और अदालत जो कहेगी, उसे आप सुन सकते हैं.' माल्या ने यह भी कहा कि मुकदमा लड़ने के लिए उनके पास 'पर्याप्त सबूत' हैं, लेकिन उस सवाल को टाल दिया, जिसमें उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इस बात का डर लगता है कि क्या भारत में मुकदमा उनके लिए अन्यायपूर्ण होगा?

 


इससे पहले ओवल में भारत-दक्षिण अफ्रीका का मैच देखने पहुंचे विजय माल्या को वहां कुछ लोगों ने चोर-चोर कहकर बुलाया, इस पर उन्होंने कहा कि मुझे भीड़ द्वारा चोर नहीं कहा गया था, कुछ शराबी लोग चिल्ला रहे थे जबकि बाकी लोग मेरे पास आए और मेरे भले की कामना की.

विजय माल्या पर अलग-अलग बैंकों के नौ हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. बैंकों का कर्ज चुकाने के बजाय माल्या देश छोड़कर फरार हो गये. माल्या 2016 से ही लंदन में हैं. जिसके बाद भारत ने ब्रिटेन सरकार से माल्या को भारत भेजने की अपील की थी. भारत की मांग पर सुनवाई करते हुए लंदन प्रशासन ने माल्या को रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी.